मंगल कक्षित्र यान का मंगल रंगीन कैमरे(एमसीसी) से लिया गया चित्र।
रोहिणी परिज्ञापी रॉकेट(आरएच200) प्रमोचन के लिए तैयार

हमारी गुणता नीति

प्रमोचन यान प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता प्राप्त करना।

विश्वसनीय एवं दक्ष अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली प्रदान करना।

Ask an Expert

This is a forum for students to experts in the field of various subjects. Please utilize this forum to ask your queries to an expert in the field.

login  here

 

 

 

 

Save

Save

विश्व अंतरिक्ष सप्ताह (डब्ल्यूएसडब्ल्यू)

WSW2014 Poster• विश्व अंतरिक्ष सप्ताह (डब्ल्यूएसडब्ल्यू), संयुक्त राष्ट्र (यूएन) संकल्प के अनुसार वर्ष 1999 से लेकर आयोजित होनेवाला एक मुख्य अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। हर वर्ष अक्तूबर 4 से 10 तक सप्ताह भर आयोजित होने वाला यह समारोह, अंतरिक्ष अन्वेषण के दो मीलस्तंभ की याद दिलाता है; वर्ष 1957 अक्तूबर 4 मानव निर्मित प्रथम उपग्रह स्पुत्निक-1 के प्रमोचन को और वर्ष 1967 अक्तूबर 10 बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोगों के लिए यूएन की घोषणा लागू होने को अंकित करता है। समारोहों का समन्वयन, हर वर्ष यूएन द्वारा घोषित किसी विषय के आधार पर, अंतरिक्ष सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय एसोसिएशन और विविध देशों के स्थानीय समन्वयकों के सहयोग से, यूएन द्वारा किया जाता है। डब्ल्यूएसडब्ल्यू कार्यक्रम के आयोजकों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वह सप्ताह के दौरान आयोजित किए जानेवाले सभी कार्यक्रमों में उस विषय पर अनुसंधान, विकास तथा अनुप्रयोगों को बढावा दें । यह, मानवजाति की उन्नति के लिये योगदानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, अंतरिक्ष आउटरीच व शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।

• केरल में, वर्ष 2001 से विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) तथा इसरो जड़त्वीय प्रणाली यूनिट (आइआइएसयू), तिरुवनंतपुरम के तत्वावधान में हर वर्ष विश्व अंतरिक्ष सप्ताह मनाया जाता है। डब्ल्यूएसडब्ल्यू के दौरान, अंतरिक्ष पर विशेष ध्यान देते हुए, यूएन द्वारा घोषित विषय के आधार पर, वीएसएससी के अंदर तथा बाहर स्पर्धाएँ व शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

 

इसरो स्थाई पवेलियन

सामाजिक दायित्वों के हिस्से के रूप में, वीएसएससी ने सम्पूर्ण केरल की संस्थाओं में और एक चेन्नै में भी स्थाई पविलियनों की स्थापना की है। ये प्रदर्शनियां, संबंधित संस्थाओं के प्राधिकारियों से पूर्व अनुमति के साथ, सालभर आम जनता के लिए खुली रहती हैं। ये पविलियन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रारंभ से लेकर सूचना प्रदान करते हैं तथा प्रदर्शन पैनलों तथा दृश्य-श्रव्य साधनों के द्वारा भविष्य के अभियानों पर प्रकाश भी डालते हैं। भारतीय प्रमोचन यान पीएसएलवी, जीएसएलवी, जीएसएलवी मार्क-।।। के लघु नमूने भी इन पविलियनों में प्रदर्शित हैं।  

निम्नलिखित केंद्रों में वीएसएससी ने स्थायी अंतरिक्ष पविलियनों की स्थापना की है। (प्रत्येक केंद्र के ऊपर क्लिक करें।)   

 1. पेरियार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र, चेन्नै  

 2. केरल राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय, तिरुवनंतपुरम  

 3. आइआइएम, कोष़िकोडु 

 4. विज्ञान पार्क, कण्णूर 

 5. कार्मल सीएमआइ स्कूल, शोरनूर  

 6. साराभाई विज्ञान पार्क, काक्कनाडु   

 7. गवर्मेंट बोइस एचएसएस, उत्तर परवूर

 8.सेन्टर फोर सायन्स इन सोसाइटी (सीएसआइएस), कुसैट कैंपस

 9. महात्मा हाइ स्कूल, चेन्नित्तला, आलप्पुष़ा

10.एसएनवी हायर सेकेंडरी स्कूल, कोडुमण, पत्तनमतिट्टा

आउटरीच गतिविधियां

केंद्र द्वारा आयोजित आउटरीच गतिविधियां वीएसएससी तथा इसरो की गतिविधियों के बारे में और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम द्वारा लाए गए सामाजिक हितलाभों पर भी सार्वजनिक जागरूकता का सृजन करना लक्ष्य करती हैं। इस दिशा में की गई चहलकदमियों में से एक है क्षेत्र प्रदर्शन।

बहिर्वर्ती क्षेत्रों में प्रदर्शनियां 

वीएसएससी, आम जनता एवं छात्र समुदाय के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए बहिर्वर्ती क्षेत्रों में प्रदर्शनियां आयोजित करता है। केरल तथा पड़ोसी राज्यों के चयनित शैक्षणिक संस्थाओं, राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और सांस्कृतिक समारोहों एवं व्यापार मेलों जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर आयोजकों से निमंत्रण प्राप्त होने पर दो से सात दिनों तक की अवधि के लिए प्रदर्शनियां आयोजित की जाती हैं।

एक दशक से भी ज्यादा समय से, भारत के केरल राज्य के सबसे शानदार सांस्कृतिक उत्सवों में से एक, तृश्शूर पूरम के उपलक्ष्य में हर साल अप्रैल-मई के दौरान आयोजित की जाने वाली पूरम प्रदर्शनी में, वीएसएससी नियमित प्रतिभागी है। वीएसएससी द्वारा संस्थापित इसरो पाविलियन इस एक्स्पो का मुख्य आकर्षण होता है और लाखों दर्शक इस एक्स्पो को देखने आते हैं।

त्रिशूर पूरम प्रदर्शनी