आरएलवी-टीडी

rlv आरएलवी-टीडी अल्प लागत से अंतरिक्ष मे पहुंच संभव बनाने हेतु एक पूर्णतया पुनरुपयोगी प्रमोचन यान के लिए अनिवार्य प्रौद्योगिकियों के विकास की दिशा में प्रौद्योगिकी की दृष्टि से इसरो के सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण प्रयासों में एक है। आरएलवी-टीडी का संरूपण एक वायुयान के समान है और प्रमोचन यानों तथा वायुयान दोनों की जटिलता इसमें मिल जाती है। पंखयुक्त आरएलवी-टीडी का संरूपण अतिध्वनिक उड़ान, स्वायत अवतरण ऊर्जायुक्त क्रूज उड़ान नामक विविध प्रौद्योगिकियों के मूल्यांकन के उड़ते परीक्षण मंच के रूप में कार्य करने हेतु किया गया है। भविष्य में, भारत के पुनरुपयोगी द्विचरणी कक्षीय प्रमोचन यान का प्रथम चरण बनने के लिए इस यान को उन्नत किया जाएगा।

आरएलवी-टीडी में हवाई जहाज़ का आकार (शरीर), एक नासा शंकु, डबल डेल्टा पंख तथा जुड़ुवे ऊर्ध्वाधर पुच्छ होती है। सममितीय रूप से रखी गई एलवोन तथा रड्डर नामक सक्रिय नियंत्रण सतहें भी इसकी विशेषता है। इस प्रौद्योगिकी प्रदर्शक को निम्न ज्वलन दर के लिए अभिकल्पित एक पारंपरिक ठोस बूस्टर (एचएस9) द्वारा माख सं. 5 तक बढ़ाया गया था। एक आरएलवी-टीडी के विकास हेतु विशेष मिश्रधातुओं, सम्मिश्रों तथा रोधन पदार्थों जैसी सामग्रियों का चयन बहुत जटिल है और अति कुशल जनशक्ति की मांग रखता है। इस यान के निर्माण के लिए कई उच्च प्रौद्योगिकी यंत्रावली तथा परीक्षण उपकरणों का उपयोग किया गया था।

आरएलवी-टीडी के उद्देश्य:

  • पंखयुक्त वस्तु का अतिध्वनिक वायूष्मीय गतिकी अभिलक्षणीकरण
  • स्वायत नौसंचालन, निर्देशन तथा नियंत्रण (एनजीसी) योजनाओं का मूल्यांकन
  • एकीकृत उड़ान प्रबंधन
  • ऊष्मीय रक्षण प्रणाली का मूल्यांकन